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आधुनिक प्रबंधन विज्ञान में है भारतीय ज्ञान परंपरा का अहम योगदान : प्रो. आनंद शर्मा।

Published on: 17 Feb 2026

*आधुनिक प्रबंधन विज्ञान में है भारतीय ज्ञान परंपरा का अहम योगदान : प्रो. आनंद शर्मा।*


इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय, मीरपुर (रेवाड़ी) में “भारतीय ज्ञान परंपरा : पाथवेज़ टू सेल्फ मैनेजमेंट” विषय पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के प्रबंधन विभाग के प्रोफेसर प्रो. आनंद शर्मा मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे।

इस अवसर पर विभाग की चेयरपर्सन प्रो. समृद्धि ने प्रो. आनंद शर्मा का स्वागत करते हुए कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में भारतीय ज्ञान परंपरा की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी को भारतीय ज्ञान परंपरा के मूल्यों और सिद्धांतों से परिचित कराना समय की आवश्यकता है। इसी उद्देश्य से प्रबंधन विभाग द्वारा इस विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया है। उन्होंने इस महत्वपूर्ण विषय पर मार्गदर्शन देने के लिए प्रो. आनंद शर्मा का आभार व्यक्त किया।

अपने व्याख्यान में प्रो. आनंद शर्मा ने विद्यार्थियों को भारतीय ज्ञान परंपरा के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि आधुनिक शिक्षा पद्धति में कई कमियाँ हैं, जिन्हें सुधारने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि औपनिवेशिक काल में लॉर्ड मैकॉले द्वारा भारतीय शिक्षा प्रणाली में किए गए बदलावों ने शिक्षा के मूल उद्देश्य को प्रभावित किया। इस व्यवस्था ने सृजनात्मक, आत्मनिर्भर और नेतृत्वक्षम व्यक्तित्व विकसित करने के बजाय ऐसी पीढ़ी तैयार की, जो मुख्यतः नौकरी करने तक सीमित रह गई।

उन्होंने आगे बताया कि पश्चिमी ज्ञान प्रणाली के अत्यधिक प्रभाव के कारण भारतीय विद्यार्थियों की मौलिक चिंतन क्षमता प्रभावित हुई है। जहाँ पश्चिमी दृष्टिकोण में उपभोक्ता को अक्सर एक वस्तु के रूप में देखा जाता है, वहीं भारतीय ज्ञान परंपरा मनुष्य को समग्र दृष्टि से देखते हुए आत्म-विकास, संतुलन, नैतिकता और जीवन मूल्यों पर बल देती है। उन्होंने आत्म-प्रबंधन, संतुलित जीवन और मूल्य-आधारित नेतृत्व में भारतीय परंपराओं की प्रासंगिकता पर भी प्रकाश डाला।

इस अवसर पर विभाग से प्रो. डॉ. भारती, डॉ. जसविंदर सिंह, डॉ. सुशांत यादव, डॉ. देवेश अग्रवाल, डॉ. सुरेंद्र कुमार सहित अन्य संकाय सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन शोधार्थी नेहा यादव द्वारा किया गया।